*मुझे उम्मीद है कि जब तुम इस तस्वीर को देखोगे, तो तुम्हें एह...
Ummah Post
21 July, 2025

*मुझे उम्मीद है कि जब तुम इस तस्वीर को देखोगे, तो तुम्हें एहसास होगा कि हर इंसान की ज़िंदगी का मयार (स्तर) एक जैसा नहीं होता,*

*बारिश का मौसम सब के लिए एक जैसा नहीं होता।*

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हज़रत अबू क़िलाबा के सब्र व शुक्र की मर्क़ूम कहानी
लेख

हज़रत अबू क़िलाबा के सब्र व शुक्र की मर्क़ूम कहानी

हज़रत अबू क़िलाबा रहमतुल्लाह अलैह एक जलील-उल-क़द्र (उच्च कोटि के) ताबेई और बहुत बड़े मुहद्दिस (हदीस के विद्वान) हैं। वह हज़रत अनस रज़ियल्लाहु अन्हु के शागिर्द हैं। आप बसरा में रहते थे और अपने ज़माने के अत्यंत साबिर व शाकिर (धैर्यवान और कृतज्ञ) इंसान थे। इतिहास में आपके सब्र व शुक्र की एक घटना मिलती...