इन दुआओं को अपनी ज़िंदगी का अटूट हिस्सा (जुज़-ए-लायुन्फ़क) ब...
Ummah Post
4 October, 2024

इन दुआओं को अपनी ज़िंदगी का अटूट हिस्सा (जुज़-ए-लायुन्फ़क) बना लीजिए और इसकी बरकतें अपनी आँखों से देखिए।

Share this article
हज़रत हुसैन (रज़ियल्लाहु अन्हु) और एक देहाती के बीच एक सबक़आमोज़ बातचीत
लेख

हज़रत हुसैन (रज़ियल्लाहु अन्हु) और एक देहाती के बीच एक सबक़आमोज़ बातचीत

एक देहाती (गांववासी) हज़रत हुसैन बिन अली (रज़ियल्लाहु अन्हु) के पास गया, उनको सलाम किया और उनसे अपनी ज़रूरत (हाजत) पूरी करने का सवाल किया। उसने कहा, "मैंने आपके नाना (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) से सुना है, उन्होंने फ़रमाया कि जब तुम किसी से अपनी ज़रूरत का सवाल करो, तो वह चार (सिफ़तों वाले आदमियों) में...