"रात सोकर गुज़ार देना और सुबह उस पर नादिम (शर्मिंदा) होना, र...
Ummah Post
11 August, 2025

"रात सोकर गुज़ार देना और सुबह उस पर नादिम (शर्मिंदा) होना, रात इबादत करके गुज़ारने और सुबह उस पर अकड़ते (अहंकार करते) फिरने से बेहतर है।"

— (मदारिजुस सालिकीन लिल-इब्निल क़य्यिम: 1/272)

Share this article
मुल्ला नसीरुद्दीन का अमीर तैमूर को अनोखा मशवरा
लेख

मुल्ला नसीरुद्दीन का अमीर तैमूर को अनोखा मशवरा

एक दिन अमीर तैमूर लंग दरबार लगाए बैठा था। दरबारी अदब के साथ अपनी-अपनी जगहों पर खड़े हुए थे। तैमूर ने बगदाद के ख़लीफ़ाओं का हवाला देते हुए कहा, "उनके अलक़ाब (उपाधियाँ) बड़े आलीशान और रौबदार होते हैं। जैसे मुस्तक़ज़िर बिल्लाह, वासिक़ बिल्लाह, मोतसिम बिल्लाह और मुतवक्किल बिल्लाह वगैरह। मैं चाहता हूँ कि...