"ज़िंदगी अपना रास्ता ढूँढ ही लेती है।

ज़िंदगी हर हाल में...
Ummah Post
15 August, 2025

"ज़िंदगी अपना रास्ता ढूँढ ही लेती है।

ज़िंदगी हर हाल में आगे बढ़ने का रास्ता निकाल लेती है, चाहे हालात जैसे भी हों। इसी तरह, तुम भी अपनी राह पा लोगे। बस हिम्मत न हारना, यक़ीन रखना, और आगे बढ़ते रहना, तुम में वो ताक़त है जो अंधेरों में भी रोशनी तलाश कर सकती है..."

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इल्म का मंशूर: शरियत के विद्यार्थियों (तलबा) के लिए महत्वपूर्ण और इब्रतनाक नसीहतें (भाग दो)
लेख

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बिस्मिल्लाह; रब्बी यस्सिर व अ'इन! (अल्लाह के नाम से; ऐ मेरे रब, आसानी फ़रमा और मदद कर!) नोट: इस मंशूर (घोषणापत्र) के मुखातिब (संबोधित लोग) सिर्फ उलूमे शरीयत (इस्लामी शास्त्र के ज्ञान) के तलबा (विद्यार्थी) हैं। इल्मे शरई (धार्मिक ज्ञान) को अल्लाह तआला ने 'कौले थक़ील' (एक भारी बात) क़रार दिया है। य...