"एक वक्त होता है जब आप हर किसी के लिए खास होते हैं, लोगों को बात-बेबात आप याद रहते हैं। कुछ का तो दिन ही नहीं मुकम्मल होता आपसे गुफ़्तगू किए बिना और कुछ की रात ही नहीं गुज़रती... फिर ज़िंदगी बदलती है, वक्त बदलता है और लोग भी बदल जाते हैं। आप खास से आम हो जाते हैं और आम से हक़ीर (तुच्छ)... लोग आपको ऐसे भुला देते हैं जैसे कभी आप उन्हें याद ही नहीं थे। लोगों को आपके होने या ना होने से फर्क ही नहीं पड़ता... अगर फर्क पड़ता है, तकलीफ़ होती है, तो सिर्फ और सिर्फ आपको... 💔😞"
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