"बहुत आसान है दूसरों की ज़िंदगी को 'आसान' समझ लेना, क्योंकि...
Ummah Post
21 August, 2025

"बहुत आसान है दूसरों की ज़िंदगी को 'आसान' समझ लेना, क्योंकि वो हमें जीनी तो नहीं पड़ती!

नर्मी (दयालुता) से पेश आएं...

कौन सा दिल कितना थका हुआ है, यह ऊपर से नज़र नहीं आता...💔"

Share this article
दीवार पर पिता के हाथों के निशान।
लेख

दीवार पर पिता के हाथों के निशान।

अब्बा जी बूढ़े हो गए थे और चलते-चलते दीवार का सहारा लेते थे। नतीजतन दीवारों का रंग खराब होने लग गया, जहां भी वह छूते थे वहां दीवारों पर उनकी उंगलियों के निशान छप जाते थे। मेरी पत्नी को जब पता चला तो वह अक्सर गंदी दिखने वाली दीवारों के बारे में मुझसे शिकायत करती। एक दिन सर में दर्द हो रहा था तो अब...