"बर्दाश्त (सहनशीलता) के कानों से सुनो, रहम (दया) की आँखों से...
Ummah Post
22 August, 2025

"बर्दाश्त (सहनशीलता) के कानों से सुनो, रहम (दया) की आँखों से देखो, और मोहब्बत की ज़ुबान से बात करो।"

- मौलाना जलालुद्दीन रूमी

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दृष्टिकोण का सबक़: उस्ताद, शागिर्द और सेब की कहानी
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दृष्टिकोण का सबक़: उस्ताद, शागिर्द और सेब की कहानी

शागिर्द (छात्र) ग़ौर से सुन रहा था। उस्ताद (शिक्षक) ने पूछा, "अगर मैं तुम्हें एक सेब, और एक सेब, और एक सेब दूँ, तो तुम्हारे पास कितने सेब हो जाएंगे?" शागिर्द ने बिना किसी झिझक के जवाब दिया, "4।" उस्ताद को लगा कि शायद शागिर्द सवाल ठीक से समझ नहीं पाया। उस्ताद ने इत्मीनान से दोबारा पूछा... "देखो...