وإنما النساء رياحين متى لم تتعاهد نقصت.

"औरतें फूल होती ह...
Ummah Post
26 August, 2025

وإنما النساء رياحين متى لم تتعاهد نقصت.

"औरतें फूल होती हैं, अगर उनसे अहद उस्तवार न रखा जाए (यानी उनकी देखभाल और तवज्जो न दी जाए) तो वे मुरझा जाती हैं।"

- तौक़ अल-हमामा: इमाम इब्न हज़्म (रहमतुल्लाही अलैहि)

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ज़िंदगी का मीनार हमेशा सीधा रहेगा !!
लेख

ज़िंदगी का मीनार हमेशा सीधा रहेगा !!

रवायत है कि सात सौ बरस पहले इस्फ़हान में एक मस्जिद बन रही थी। काम तक़रीबन ख़त्म हो चुका था और कारीगर छोटे-छोटे आख़िरी काम कर रहे थे। एक बूढ़ी औरत का वहाँ से गुज़र हुआ। वह अचानक खड़ी हो गई और मस्जिद के मीनार की जानिब इशारा करके कहने लगी कि यह मेरी नज़र में टेढ़ा नज़र आ रहा है। कारीगर हँसने लगे तो...