"ऐ नौजवानों! आख़िरत को अपने ऊपर लाज़िम (अनिवार्य) कर लो। हमन...
Ummah Post
26 August, 2025

"ऐ नौजवानों! आख़िरत को अपने ऊपर लाज़िम (अनिवार्य) कर लो। हमने ऐसे तो बहुत देखे जिन्होंने आख़िरत को चाहा और साथ में उन्हें दुनिया भी नसीब हो गई, लेकिन ऐसा कोई एक भी न देखा जिसने दुनिया को चाहा हो और उसके साथ उसे आख़िरत भी मिल गई हो।"

- हसन बसरी (रहमतुल्लाही अलैहि)

[अल-वसाया अस्-सलफ़ लिश्-शबाब - अख़रज़हु अल-बैहक़ी फ़ी अज़-ज़ुहद: 12]

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पिता का शिक्षाप्रद उत्तर
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पिता का शिक्षाप्रद उत्तर

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