"जब तक काम मुकम्मल (पूरा) न हो जाए किसी को उसके बारे में न बताना, यही (हसद और नज़र-ए-बद से बचने का) क़ानून है।"
Ummah Post
"जब तक काम मुकम्मल (पूरा) न हो जाए किसी को उसके बारे में न बताना, यही (हसद और नज़र-ए-बद से बचने का) क़ानून है।"