"शौहर जब अपनी बीवी को हक़ीक़ी (सच्ची) मोहब्बत देता है, तो बी...
Ummah Post
29 August, 2025

"शौहर जब अपनी बीवी को हक़ीक़ी (सच्ची) मोहब्बत देता है, तो बीवी अपने वालिदैन (माता-पिता) से भी बढ़कर अपने ख़ाविंद (पति) को दर्जा देती है।" 🤎

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दीन की सेवा और आपसी एकता (एक सीख)
लेख

दीन की सेवा और आपसी एकता (एक सीख)

लीसेस्टर (ब्रिटेन) में उलेमा-ए-किराम (विद्वानों) की एक महफ़िल में एक बार हज़रत मौलाना शाह अबरारुल हक़ हरदोई साहब (रहमतुल्लाह अलैह) ने फ़रमाया: "मान लीजिए कि इंडिया के किसी गांव में किसी भारी शरीर वाले व्यक्ति का देहांत (انتقال) हो गया। जून-जुलाई की भीषण गर्मी हो, क़ब्रिस्तान कई किलोमीटर की दूरी...