*✾ अगर चाहते हैं तो ✾*
*★ अगर इंतज़ार करना... चाहते हो तो... अपनी मौत का करो*
*★ अगर जेहाद करना... चाहते हो तो... नफ़्स (अंतरात्मा) से करो*
*★ अगर दूर करना... चाहते हो तो... अपनी बुराइयाँ दूर करो*
*★ अगर ख़त्म करना... चाहते हो तो... अपनी ख़्वाइशात (इच्छाएँ) ख़त्म करो*
*★ अगर मिलना... चाहते हो तो... ख़ुश-अख़लाक़ी (अच्छे व्यवहार) से मिलो*
*★ अगर पीना... चाहते हो तो... अपने ग़ुस्से को पियो*
*★ अगर पहनना... चाहते हो तो... शर्म व हया का लिबास पहनो*
*★ अगर रुकना... चाहते हो तो... गुनाहों से रुको*
*★ अगर बैठना... चाहते हो तो... नेक लोगों में बैठो*
*★ अगर सुकून... चाहते हो तो... ज़िक्र-ए-इलाही (अल्लाह का स्मरण) करो*
*★ अगर बोलना... चाहते हो तो... शीरीं ज़बां (मीठी बोली) बोलो*
*★ अगर करना... चाहते हो तो... ख़ुदा की इबादत करो*
*★ अगर खाना... चाहते हो तो... हलाल रिज़्क़ खाओ*
*★ अगर लेना... चाहते हो तो... दूसरों की दुआएं लो*
*★ अगर उठना... चाहते हो तो... दूसरों की मदद के लिए उठो*
*★ अगर देखना... चाहते हो तो... अल्लाह की मख़्लूक़ (सृष्टि) को शफ़क़त (दया) की नज़र से देखो*
*★अगर पाना... चाहते हो तो... वह इल्म (ज्ञान) पाओ जो बहिश्त (जन्नत) के रास्ते पर ले जाए*
*★ अगर डूबना... चाहते हो तो... अपने गुनाहों को देखकर नदामत (पछतावे) के समंदर में डूबो*
_______________________
❤️ ✍🏻ㅤ 📩 📤
ˡᶦᵏᵉ ᶜᵒᵐᵐᵉⁿᵗ ˢᵃᵛᵉ ˢʰᵃʳᵉ