"बेहतरीन बदला यह है कि कोई बदला न लो, खुद को संभालो, आगे बढ़...
Ummah Post
1 September, 2025

"बेहतरीन बदला यह है कि कोई बदला न लो, खुद को संभालो, आगे बढ़ो और उन जैसे मत बनो जिन्होंने तुम्हें तकलीफ दी थी।"

— इस्लामिक ट्यूब ऐप 🥀

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क्या पत्नी पर सास की सेवा करना वाजिब (अनिवार्य) है?
लेख

क्या पत्नी पर सास की सेवा करना वाजिब (अनिवार्य) है?

शेख मोहम्मद रावी से एक औरत ने सवाल पूछा कि उनके शौहर की वालिदा (माँ) बीमार रहती हैं। शौहर तक़ाज़ा (मांग) करता है कि मैं उनकी माँ की ख़िदमत (सेवा) करूँ और मुझसे यह सब नहीं होता। क्या मुझ पर शौहर की माँ की ख़िदमत वाजिब (अनिवार्य) है? शेख ने जवाब दिया, "नहीं, तुझ पर शौहर की माँ की ख़िदमत हरगिज़ वाजि...