एक नौजवान जो संविधान, लोकतंत्र और समानता की बात करता है ..उसे न्याय से वंचित रखा जा रहा है।
सवाल ये है: क्या हमारे देश में विचारधारा ही अपराध बन चुकी है?
एक नौजवान जो संविधान, लोकतंत्र और समानता की बात करता है ..उसे न्याय से वंचित रखा जा रहा है।
सवाल ये है: क्या हमारे देश में विचारधारा ही अपराध बन चुकी है?