पच्चीस साल बाद बरेलवी आलिम इस पीर के फ़ज़ाइल (गुणगान) बयान क...
Ummah Post
3 September, 2025

पच्चीस साल बाद बरेलवी आलिम इस पीर के फ़ज़ाइल (गुणगान) बयान कर रहे होंगे: "एक बार हज़रत ने ग़ुस्ल (स्नान) का इरादा फ़रमाया था, तो समंदर ख़ुद चल कर आ गया था।" 😂😃😆😝

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सख़ावत (उदारता) की एक बेमिसाल मिसाल: नवाब मुज़फ़्फ़र अली ख़ान
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सख़ावत (उदारता) की एक बेमिसाल मिसाल: नवाब मुज़फ़्फ़र अली ख़ान

नाम भी मुज़फ़्फ़र था और रहते भी मुज़फ़्फ़रनगर में थे... पूरा नाम था "नवाब मुज़फ़्फ़र अली ख़ान"। मुज़फ़्फ़रनगर हिंदुस्तान में एक ज़िला है, उन भले दिनों में यह नवाब साहब की जागीर थी। नवाब साहब को इमारतें बनवाने (تعمیرات) का शौक़ था। इसी शौक़ को पूरा करने के लिए उन्होंने अपने एक बहुत बड़े बाग़ के बीचों...