(मित्रता का वास्तविक स्थान हमें क़ुरआन ने सिखाया है...)
कि...
Ummah Post
6 September, 2025

(मित्रता का वास्तविक स्थान हमें क़ुरआन ने सिखाया है...)

कि नेक लोगों की दोस्ती के अलावा हर दोस्ती क़यामत के दिन दुश्मनी में बदल जाएगी... 💔

इसी तरह हसन बसरी (रह.) का क़ौल (कथन) है: 🌸

'तुम ज़्यादा से ज़्यादा मोमिन (आस्थावान) दोस्त बनाओ, क्योंकि वे क़यामत के दिन (तुम्हारी) सिफ़ारिश करेंगे।'" 🕊️

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तौहीद के दरजात (एकेश्वरवाद के चरण)
लेख

तौहीद के दरजात (एकेश्वरवाद के चरण)

मुस्निद अल-हिंद, इमाम-ए-अकबर हज़रत शाह वलीउल्लाह मुहद्दिस देहलवी ؒ ने इर्शाद फ़रमाया है कि अक़ीदा-ए-तौहीद की तकमील (पूर्णता) के लिए चार दर्जों की तौहीद का मानना लाज़िम है, अगर किसी भी दर्जे की तौहीद में ज़र्रा बराबर भी कमी रह जाएगी तो इंसान हरगिज़ मुवह्हिद (एकेश्वरवादी) नहीं कहलाया जा सकता, वे चार दर...