"वह पैग़म्बर-ए-अदल (न्याय के दूत), मीज़ान (तराज़ू/इंसाफ) वाल...
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"वह पैग़म्बर-ए-अदल (न्याय के दूत), मीज़ान (तराज़ू/इंसाफ) वाले,

अदालत (न्याय) का पैकर (प्रतीक), वह बुर्हान (ठोस प्रमाण) वाले।"

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आख़िरत की छतरी
लेख

आख़िरत की छतरी

एक दफ़ा क्रिकेट मैच के दौरान जब अचानक बारिश शुरू हुई तो स्टेडियम में मौजूद हर शख़्स ने अपनी छतरी खोलकर सर पर रख ली थी। जब उस वक़्त कैमरा तमाशाइयों (दर्शकों) के स्टैंड पर गया तो रंग-बिरंगी छतरियों का एक हसीन मंज़र तैयार हो चुका था, शायद ही कोई ऐसा शख़्स हो जिसने छतरी न ली हो या बारिश की बरसाती (रेनको...