"हमें दुनिया से क्या मतलब, मदरसा है वतन अपना,
मरेंगे हम कित...
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"हमें दुनिया से क्या मतलब, मदरसा है वतन अपना,

मरेंगे हम किताबों पर, वरक़ (पन्ने) होंगे कफ़न अपना।"

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शैतान के फ़रेब के छह दरजात (चरण)
लेख

शैतान के फ़रेब के छह दरजात (चरण)

अल्लामा बद्रुद्दीन बिन शिबली अपनी मशहूर किताब "आकामुल मुर्जान फी अहकामिल जान" में नक़्ल करते हैं कि शैतान-ए-लईन (शापित शैतान) के इंसान को नुक़सान पहुँचाने के 6 दरजात हैं: (1) पहले मरहले (चरण) में वह इंसान को कुफ़्र व शिर्क में मुलव्विस (शामिल) करने पर मेहनत करता है, अगर इसमें उसे कामयाबी मिल जाए...