लोगों के साथ ऐसे पेश आओ जैसे कोई किताब पढ़ रहे हो...
मुनाफ़...
Ummah Post
9 October, 2024

लोगों के साथ ऐसे पेश आओ जैसे कोई किताब पढ़ रहे हो...

मुनाफ़िक़ (पाखंडी) को नज़रअंदाज़ कर दो, बुरे को फाड़ दो...

और सबसे ख़ूबसूरत पर रुक जाओ...

इंसान भी किताबों की तरह होते हैं...

कुछ लोग सिर्फ़ सरवरक़ (कवर) से धोखा देते हैं,

जबकि कुछ का अंदरूनी मवाद (सामग्री) हैरान करने वाला होता है, हालांकि उनका कवर बिल्कुल आम सा लगता है।

पहली नज़र में प्रभावित न हों, वक़्त हर चीज़ का फ़ैसला कर देता है।

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दिल का सदक़ा: एक गरीब महिला की खूबसूरत सीख
लेख

दिल का सदक़ा: एक गरीब महिला की खूबसूरत सीख

एक गरीब औरत ने बड़ी इज़्ज़त के साथ आवाज़ दी, "आ जाइए मैडम, आप यहाँ बैठ जाएँ," कहते हुए उसने अपनी सीट पर एक उस्तानी (शिक्षिका) को बिठा दिया और खुद बस में खड़ी हो गई। मैडम ने, "बहुत-बहुत शुक्रिया, मेरी तो बुरी हालत थी, सच में," कहते हुए दुआएँ दीं। उस गरीब औरत के चेहरे पर एक खुशनुमा मुस्कान फैल गई।...