> ‏من باب الذوق استمع للبشر جيداً، أما من باب الاحتياط، لا ت...
Ummah Post
9 October, 2025

> ‏من باب الذوق استمع للبشر جيداً، أما من باب الاحتياط، لا تُصدق كل ما يقولون

शालीनता का तक़ाज़ा है कि लोगों की बात ध्यान से सुनो, लेकिन एहतियात (सावधानी) का तक़ाज़ा यह है कि हर बात पर यक़ीन न करो।

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अपनी ज़िंदगी का जायज़ा
लेख

अपनी ज़िंदगी का जायज़ा

दुनिया में जो भी आया, कूच करने को आया। दफ़्न ख़ुद सैंकड़ों किए ज़ेर-ए-ज़मीन। फिर भी मरने का नहीं हक़-उल-यक़ीन। तुझसे बढ़कर कोई ग़ाफ़िल नहीं। कुछ तो इब्रत चाहिए ऐ नफ़्से लईन। ८. जब तुझे वह हादसा मौत का पेश आएगा जिसको कोई नहीं टाल सकता, तो माल-ओ-दौलत और नौकर-ओ-ख़ादिम तेरे कुछ भी काम न आएँगे।...