पासपोर्ट बनाने का पूरा तरीका आसान शब्दों में

आमतौर पर लोग...
Ummah Post
17 October, 2025

पासपोर्ट बनाने का पूरा तरीका आसान शब्दों में

आमतौर पर लोग यह समझते हैं कि पासपोर्ट बनवाना बहुत मुश्किल काम है, खास तौर पर पासपोर्ट ऑफिस के बारे में लोग यह सोचते हैं कि वहाँ बहुत मुश्किल काम होता है? वहाँ हमें कुछ समझ में आएगा या नहीं? वहाँ क्या होगा? वगैरह... लेकिन हकीकत में अगर आपके डॉक्यूमेंट ठीक हैं तो पासपोर्ट बनवाना बहुत आसान काम है, इसमें सिर्फ ३ काम करने होते हैं: ❶ अपॉइंटमेंट लेना ❷ पासपोर्ट ऑफिस में हाजिरी ❸ पुलिस इंक्वायरी... ये तीन काम पूरे कर लिए जाएँ तो कुछ ही दिनों में पासपोर्ट आपके घर आ जाता है।

❶ अपॉइंटमेंट कैसे लिया जाता है?

सबसे पहला काम ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने का है। अपॉइंटमेंट खुद भी ले सकते हैं; अगर खुद से न ले सकें तो किसी एजेंट के ज़रिए ले लें। अब तो पासपोर्ट की ऑफिशियल ऐप 'mPassport' के ज़रिए एंड्रॉयड मोबाइल से भी अपॉइंटमेंट लेना आसान हो गया है। अपॉइंटमेंट लेने के लिए एक एप्लीकेशन फॉर्म भरना होता है, और फॉर्म भरने के बाद कुछ रकम जमा करानी होती है। अगर 36 पेजों वाला पासपोर्ट बनवाना हो तो 1500 और 60 पेजों वाला हो तो 2000 रुपये जमा करने होते हैं। एप्लीकेशन फॉर्म के साथ डॉक्यूमेंट भी लगाने होते हैं। अगर आपके पास आधार कार्ड है तो सिर्फ आधार कार्ड ही लगाना चाहिए; उसके साथ पैन कार्ड वगैरह अलग-अलग डॉक्यूमेंट नहीं लगाने चाहिए क्योंकि जितने ज़्यादा डॉक्यूमेंट होंगे, उनके वेरिफिकेशन में उतनी ही ज़्यादा देर लगेगी, और उनका कोई फायदा नहीं है। जैसे ही आप एप्लीकेशन फॉर्म भरते हैं और रकम जमा कर देते हैं, तो आपको अपॉइंटमेंट नंबर, तारीख, वक्त सब मिल जाता है। इसे आप प्रिंट करवाकर अपने पास रख लें, फिर उसी लिखी हुई तारीख और वक्त पर पासपोर्ट ऑफिस पहुँच जाएँ।

❷ पासपोर्ट ऑफिस में क्या होता है?

अपॉइंटमेंट में जो वक्त दिया गया हो, उससे कम से कम पंद्रह मिनट पहले आपको पासपोर्ट ऑफिस पहुँच जाना चाहिए। मिसाल के तौर पर अगर आपको 10:45 का वक्त दिया गया हो तो 10:30 बजे पहुँच जाना चाहिए, क्योंकि तय वक्त से पंद्रह मिनट पहले एंट्री के लिए बुलाया जाता है। जैसा कि मेरा यही वक्त था तो 10:30 बजे हमें बुलाया गया था। यहाँ पर आपका वह प्रिंट जिसमें अपॉइंटमेंट नंबर वगैरह लिखा हुआ है, उसे देखकर आपको एंट्री दे दी जाएगी। अब जैसे ही आप अंदर जाएँगे तो अंदर तीन-चार लाइनें नज़र आएँगी। उनमें छोटे बच्चों और 60 साल से ज़्यादा उम्र वालों के लिए एक परमानेंट (مستقل) लाइन होती है, उनको इसी लाइन में जाना है। यह उनके लिए खास है, उनके अलावा कोई इसमें नहीं जा सकता। हाँ, अगर आप अपने वालिद (पिता) वगैरह के साथ जाते हैं जिनकी उम्र 60 से ज़्यादा है, तो आप भी उन्हीं के साथ खड़े हो सकते हैं चाहे आपकी उम्र 60 से कम हो। यहाँ पर आपसे वो डॉक्यूमेंट माँगे जाएँगे जो आपने अपॉइंटमेंट लेते वक्त लगाए हैं। मैंने सिर्फ आधार कार्ड लगाया था तो सिर्फ आधार कार्ड ही माँगा था। इसे चेक किया जाएगा; अगर कोई गलती नहीं है, सब दुरुस्त है तो आपको एक टोकन नंबर दिया जाएगा। नंबर इस तरह होता है N-22 वगैरह। इसी टोकन नंबर पर लिखा होगा कि आगे आपको क्या करना है? मिसाल के तौर पर: काउंटर A → B → C → Exit यानी आपको पहले काउंटर A, फिर B, फिर C पर जाना है, और फिर बाहर निकल जाना है। यह जो अलग-अलग काउंटर पर जाना होता है, इसके लिए वहाँ पर बड़ी-बड़ी स्क्रीन मौजूद होती हैं। उस पर आपका टोकन नंबर और उसके सामने जिस काउंटर पर आपको जाना है उसका नंबर लिखा हुआ आता है। मिसाल के तौर पर आपका नंबर N-22 है तो स्क्रीन पर लिखा हुआ आएगा: N-22---A-2... यानी आपको काउंटर A-2 पर जाना है। याद रहे कि ये जो A, B, C नाम के अलग-अलग काउंटर होते हैं, वो एक से ज़्यादा होते हैं। मिसाल के तौर पर A-1, A-2, A-3 वगैरह। इसी तरह B और C में भी होता है, इसलिए आपको ध्यान से नंबर देखकर उसी नंबर पर जाना है जो स्क्रीन पर नज़र आ रहा है।

बहरहाल टोकन नंबर लेकर आपको आगे जाना है, वहाँ कुछ कुर्सियाँ होंगी और सामने ही बड़ी स्क्रीन होगी। उन पर बैठकर अपने नंबर का इंतज़ार करना है। थोड़ी देर में स्क्रीन पर आपका नंबर ज़ाहिर (दिखाई) होगा। जैसे ही उस पर आपका नंबर ज़ाहिर हो, आपको उसके सामने लिखे हुए काउंटर पर पहुँच जाना है। मिसाल के तौर पर लिखा हुआ आए N-22... A-2 तो आपको A-2 पर जाना है। काउंटर A पर आधार कार्ड को स्कैन किया जाएगा, फिंगरप्रिंट लिया जाएगा और फोटो क्लिक किया जाएगा। याद रहे यहाँ जो फोटो क्लिक किया जाएगा वही फोटो पासपोर्ट पर आएगा, इसलिए यह फोटो अच्छे तरीके से क्लिक कराएँ। यहाँ पर आपको पासपोर्ट कवर खरीदने को कहा जा सकता है, यह ऑप्शनल (एच्छिक) चीज़ है, आप चाहें तो खरीद सकते हैं वरना मना भी कर सकते हैं। मैंने यह खरीदा था, 350 इसकी कीमत थी लेकिन 350 जैसा नहीं था😢 इसलिए मेरी राय है कि इस कवर को न खरीदें, 350 का रिचार्ज कर लें, दो-तीन महीने रोज़ाना 1 GB मिलती रहेगी।😊 यहाँ पर आपसे एक और रिक्वेस्ट की जा सकती है कि क्या आप एसएमएस सर्विस शुरू करवाना चाहते हैं? इससे आपको पासपोर्ट की अपडेट मिलती रहेगी। यह ऑप्शनल चीज़ है, आप चाहें तो शुरू करवा सकते हैं वरना मना भी कर सकते हैं। अगर शुरू कराते हैं तो 50 रुपया चार्ज लिया जाएगा। यहाँ पर काउंटर A का काम पूरा हुआ।

अब आपको आगे जाना है काउंटर B पर, वहाँ कुछ कुर्सियाँ होंगी और सामने स्क्रीन होगी। कुर्सी पर बैठकर थोड़ी देर इंतज़ार करना है। जैसे ही स्क्रीन पर आपका नंबर नज़र आए तो उसके सामने लिखे हुए नंबर पर चले जाना है, मिसाल के तौर पर B-1, B-2 वगैरह। यहाँ पर आपके डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसके बाद आपको काउंटर C पर जाना है, यहाँ पर भी कुछ कुर्सियाँ और सामने स्क्रीन होगी। थोड़ी देर में स्क्रीन पर आपका नंबर नज़र आएगा, आपको उसी नंबर पर चले जाना है। यहाँ पर आपके पूरे फॉर्म को चेक किया जाएगा कि कोई गलती तो नहीं है? अगर सब कुछ ठीक है तो आपके पासपोर्ट की आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाती है। पासपोर्ट ऑफिस में आपका काम पूरा हुआ, अब आपको Exit पर अपना टोकन नंबर जमा करके इस डेंजर मुक़ाम से बाहर निकल जाना है।😊

नोट: याद रहे आपका ओरिजिनल आधार कार्ड हर जगह माँगा जाएगा, इसलिए उसे साथ में रखें।

❸ इंक्वायरी: पासपोर्ट ऑफिस का काम पूरा होने के एक-दो दिन बाद आपको पुलिस थाने से फोन आएगा और वहाँ हाजिर होने का वक्त दिया जाएगा, उस वक्त पर वहाँ पहुँचना है। थाने में वही सारे डॉक्यूमेंट ले जाना है जो पासपोर्ट ऑफिस लेकर गए थे, इसके साथ एक फोटो, एक गवाह और उसके आधार कार्ड की कॉपी। वहाँ पर आपसे दो दस्तखत (हस्ताक्षर) करवाए जाएँगे, साथ ही गवाह से भी दस्तखत करवाई जाएगी। बस काम पूरा हुआ। आमतौर पर पुलिस वाले कुछ रुपये भी लेते हैं जो उनका हक नहीं है, गैर-कानूनी है। अगर आप चाहें तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।

(मुबशिर कावी)

Share this article
'रहमान' और 'रहीम' नाम के उपयोग के शरई अहकाम
लेख

'रहमान' और 'रहीम' नाम के उपयोग के शरई अहकाम

"रहमान" शब्द का प्रयोग अल्लाह तआला के अलावा किसी और के लिए करना जायज़ नहीं है, बल्कि हराम है। अगर कोई व्यक्ति किसी इंसान को "रहमान" कहे तो यह शिर्क है, क्योंकि अल्लाह तबारक व तआला के अलावा कोई भी ऐसा नहीं हो सकता जिसकी रहमत (दया) इतनी विशाल हो। इसलिए किसी और को रहमान या अर-रहमान कहना जायज़ नहीं है।...