रुख़-ए-मुस्तफ़ा (मोहम्मद स.अ.व. का चेहरा) वह आईना है, कि ऐसा...
Ummah Post
23 October, 2025

रुख़-ए-मुस्तफ़ा (मोहम्मद स.अ.व. का चेहरा) वह आईना है, कि ऐसा दूसरा आईना,

न हमारे वहम-ओ-ख़्याल में है, न दुकान-ए-आईना साज़ (आईना बनाने वाले की दुकान) में।

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असली सख़ावत (उदारता) कहाँ होनी चाहिए?
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असली सख़ावत (उदारता) कहाँ होनी चाहिए?

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