रुख़-ए-मुस्तफ़ा (मोहम्मद स.अ.व. का चेहरा) वह आईना है, कि ऐसा दूसरा आईना,
न हमारे वहम-ओ-ख़्याल में है, न दुकान-ए-आईना साज़ (आईना बनाने वाले की दुकान) में।
रुख़-ए-मुस्तफ़ा (मोहम्मद स.अ.व. का चेहरा) वह आईना है, कि ऐसा दूसरा आईना,
न हमारे वहम-ओ-ख़्याल में है, न दुकान-ए-आईना साज़ (आईना बनाने वाले की दुकान) में।