नबी करीम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) सहाबा को रमज़ान के आने पर ख़ुशख़बरी देते और फ़रमाते: 🌙 🫶
"أَتَاكُمْ رَمَضَانُ شَهْرٌ مُبَارَكٌ، فَرَضَ اللَّهُ عَلَيْكُمْ صِيَامَهُ..."🌙
अनुवाद: तुम्हारे पास रमज़ान का बा-बरकत (पवित्र) महीना आ गया है, अल्लाह ने तुम पर इसके रोज़े फ़र्ज़ किए हैं।
📖 हवाला (संदर्भ): सुनन अन-नसाई 🫶
❤️