रमज़ान मदीना मुनव्वरा में सिर्फ एक महीना नहीं होता… बल्कि रूह (आत्मा) का अपने असल (मूल) की तरफ लौट आने का वादा होता है।
और जिसने मदीना में रमज़ान का ज़ौक़ (स्वाद) चख लिया, वह जान लेता है कि सुकून महज़ एक लफ़्ज़ (शब्द) नहीं… बल्कि एक जगह का नाम है। 🤍🌙