कुछ भी मांगने से पहले खैर (भलाई) मांगो, कुछ भी मांगने के साथ...
Ummah Post
24 February, 2026

कुछ भी मांगने से पहले खैर (भलाई) मांगो, कुछ भी मांगने के साथ खैर मांगो, और कुछ भी मांगने के बाद भी खैर मांगो, क्योंकि हर चीज़ में खैर होना सबसे अहम है। अगर खैर मिल गई, तो गोया (समझो) सब कुछ मिल गया। ♥️

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चौधरी साहब का त्याग और धार्मिक विद्वानों से प्रेम
लेख

चौधरी साहब का त्याग और धार्मिक विद्वानों से प्रेम

...मदरसा के छात्रों के लिए एक चौधरी साल भर का गेहूं मदरसा के लिए वक्फ (दान) करता था। किसी शरारती (द्वेषी) शख्स ने मौलाना साहब के बारे में दुश्मनी और नफरत का इजहार ऐसा किया कि पता मालूम करते-करते चौधरी के घर पहुंच गया और कहने लगा: "चौधरी साहब! मदरसे जाकर पता तो करें कि छात्रों के नाम पर क्या खियान...