ईद के दिन सब खुश...
ईद के करीब आमतौर पर एक बात यह देखने को...
Ummah Post
18 March, 2026

ईद के दिन सब खुश...

ईद के करीब आमतौर पर एक बात यह देखने को मिलती है कि हर मुसलमान लगभग खुश रहता है, चाहे गरीब हो या फकीर, मध्यमवर्गीय परिवार हो या अमीर परिवार। अमीर परिवार तो हजारों रुपये के कपड़े खरीदते हैं और मध्यम वर्ग सैकड़ों रुपये के; मगर गरीब तबके का मामला ही अलग है, कंपनी के रिजेक्ट कपड़े जो वास्तव में अच्छे होते हैं मगर कंपनी किसी बारीक खराबी की वजह से बाहर कर देती है और दो सौ-तीन सौ रुपयों में बेच देती है; इसे खरीदकर पहनता है और वह भी उस दिन अपनी एक अलग खुशी मनाता है। अल्लाह का लाख-लाख शुक्र है इस पर, खुशी देने वाला अल्लाह है। स. ज़. टिपटूरी

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अहसान का बदला
लेख

अहसान का बदला

बनू क़ुरैज़ा, जो यहूदियों का एक मशहूर क़बीला है, उसने रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के साथ अपने समझौते (मुआहिदे) का उल्लंघन करते हुए ग़ज़वा-ए-ख़न्दक़ (ख़न्दक़ की जंग) में कुफ़्फ़ार-ए-क़ुरैश की मदद की थी। मुसलमानों ने ग़ज़वा-ए-ख़न्दक़ से फ़ारिग होकर बनू क़ुरैज़ा पर हमला किया और तक़रीबन सारे क़...