इब्न-ए-आदम (इंसान) पर अजीब तरीन नेमतों में से एक भूल जाने की...
Ummah Post
22 April, 2026

इब्न-ए-आदम (इंसान) पर अजीब तरीन नेमतों में से एक भूल जाने की नेमत भी है।

क्योंकि अगर भूलने का अमल ना होता तो इंसान किसी (तकलीफ़, ग़म) को ना भूल पाता, ना ही उसकी हसरत कभी ख़त्म होती, ना किसी मुसीबत पर उसे सब्र आता, ना उसका ग़म मरता, और ना उसकी नफ़रत और ग़ुस्सा कभी ख़त्म होता, ना ही वह दुनिया की किसी भी चीज़ से लुत्फ़ अन्दोज़ हो पाता कि हर वक़्त आफ़ात की याद में खोया रहता।

मनक़ूल (उद्धृत)

Share this article
बाबा जी की चार नसीहतें - दिलचस्प वाकया
लेख

बाबा जी की चार नसीहतें - दिलचस्प वाकया

उन दिनों जब मैं मदरसे में पढ़ता था। एक बाबा जी ज़्यादातर समय मस्जिद में गुज़ारते थे। हर समय किसी न किसी इबादत में व्यस्त रहते थे। यही मौसम था, सख्त सर्दी थी। मैंने देखा कि वह बर्फ जैसे ठंडे पानी से वज़ू कर रहे थे और मुस्कुरा रहे थे। मैं पहले तो उनकी अजीब मुस्कुराहट के जादू में खोया रहा। जब उनकी नज़र...