"अगर तुम भूल भी जाओ कि तुमने कहाँ खैर (नेकी) का बीज बोया था,...
Ummah Post
5 June, 2026

"अगर तुम भूल भी जाओ कि तुमने कहाँ खैर (नेकी) का बीज बोया था, तो बारिश तुम्हें बता देगी कि तुमने उसे कहाँ बोया था। क्योंकि खूबसूरत नक़्श (अच्छे प्रभाव) बाकी रहते हैं, चाहे उन्हें छोड़ जाने वाला रुखसत (विदा) ही क्यों न हो जाए।"

لو نسيت يوم زرعت خير فين… سيخبرك المطر أين زرعتها فالبصمة الجميلة تبقى وإن غادر صاحبها

❤️‍🩹

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हम तो सुनार थे, लोगों ने हमें लोहार समझ लिया
लेख

हम तो सुनार थे, लोगों ने हमें लोहार समझ लिया

एक बार मैं शेख हज़रत मौलाना मसीहउल्लाह ख़ान साहब रहमतुल्लाह अलैह के पास बैठा हुआ था और उस समय वहां और कोई नहीं था, केवल मैं था। इसी बीच एक आदमी आया और हज़रत से तावीज़ मांगने लगा। हज़रत ने कहा कि मैं तावीज़ नहीं दिया करता। जाओ भाई जान से ले लो! (भाई जान से मुराद हज़रत के साहबज़ादे हैं, जिन्हें छात्र...