आह...! यह नश्वर (फ़ानी) दुनिया...
भूल जाने वाले लोग,
खत्म...
Ummah Post
11 July, 2026

आह...! यह नश्वर (फ़ानी) दुनिया...

भूल जाने वाले लोग,

खत्म हो जाने वाले आनंद,

मिट जाने वाले नाम...

अस्थायी उल्लास...

पल भर की खुशियाँ...

रुक जाने वाली साँसें।

कुल्लु नफ़्सिन ज़ाइक़तुल मौत...! (हर जान को मौत का स्वाद चखना है...!)

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'तन्बीहुल ग़ाफ़िलीन' की नसीहतें और इब्रतनाक हिकायात
लेख

'तन्बीहुल ग़ाफ़िलीन' की नसीहतें और इब्रतनाक हिकायात

❶ एक ज़ाहिद (वैरागी) का क़िस्सा मंकूल (वर्णित) है कि वह रोटी के बिना सिर्फ़ सब्ज़ी और नमक वगैरह खा लेते थे। किसी ने कहा, "बस आप इसी पर गुज़ारा करते हैं?" उन्होंने फ़रमाया, "मैं अपनी दुनिया जन्नत (स्वर्ग) के लिए बना रहा हूँ और तू इसे बैतुल ख़ला (शौचालय) के लिए बनाता है। यानी, तू पसंदीदा खाने खाकर उन्...