आह...! यह नश्वर (फ़ानी) दुनिया...
भूल जाने वाले लोग,
खत्म हो जाने वाले आनंद,
मिट जाने वाले नाम...
अस्थायी उल्लास...
पल भर की खुशियाँ...
रुक जाने वाली साँसें।
कुल्लु नफ़्सिन ज़ाइक़तुल मौत...! (हर जान को मौत का स्वाद चखना है...!)
आह...! यह नश्वर (फ़ानी) दुनिया...
भूल जाने वाले लोग,
खत्म हो जाने वाले आनंद,
मिट जाने वाले नाम...
अस्थायी उल्लास...
पल भर की खुशियाँ...
रुक जाने वाली साँसें।
कुल्लु नफ़्सिन ज़ाइक़तुल मौत...! (हर जान को मौत का स्वाद चखना है...!)