ज्ञान का आभार (शुकराना) व्यक्त करने में से यह भी है कि जब आप...
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ज्ञान का आभार (शुकराना) व्यक्त करने में से यह भी है कि जब आप किसी सभा में हों, और कोई ऐसा मुद्दा चर्चा में आ जाए जो आप न जानते हों और आप उस सभा से वह सीख लें; तो फिर जब आप किसी दूसरी सभा में हों और वही मुद्दा दोबारा चर्चा में आ जाए तो आप कहें: "सच बात तो यह है कि मुझे इस मुद्दे के बारे में नहीं पता था, लेकिन मैंने फ़लाँ सभा में फ़लाँ व्यक्ति से यह सुना, तब मुझे मालूम हुआ।" जब आप ऐसा करेंगे तो मानो आपने ज्ञान का आभार अदा कर दिया।

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दृष्टिकोण का सबक़: उस्ताद, शागिर्द और सेब की कहानी
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दृष्टिकोण का सबक़: उस्ताद, शागिर्द और सेब की कहानी

शागिर्द (छात्र) ग़ौर से सुन रहा था। उस्ताद (शिक्षक) ने पूछा, "अगर मैं तुम्हें एक सेब, और एक सेब, और एक सेब दूँ, तो तुम्हारे पास कितने सेब हो जाएंगे?" शागिर्द ने बिना किसी झिझक के जवाब दिया, "4।" उस्ताद को लगा कि शायद शागिर्द सवाल ठीक से समझ नहीं पाया। उस्ताद ने इत्मीनान से दोबारा पूछा... "देखो...