अपने आप को हर उस गुनाह से बचाएं जो आपके और आपकी दुआओं के बीच...
Ummah Post
By Abdur
11 October, 2024

अपने आप को हर उस गुनाह से बचाएं जो आपके और आपकी दुआओं के बीच खड़ा हो जाता है। याद रखें, जब तक आप गुनाहों की ज़िंदगी में रहेंगे, आपकी दुआएं क़बूलियत का दर्जा हासिल नहीं कर सकेंगी।

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हज़रत हकीम-उल-इस्लाम क़ारी मोहम्मद तय्यब साहब रहमतुल्लाह अलैह, "नाश्तह" (नाश्ता) और एक बंगाली छात्र
लेख

हज़रत हकीम-उल-इस्लाम क़ारी मोहम्मद तय्यब साहब रहमतुल्लाह अलैह, "नाश्तह" (नाश्ता) और एक बंगाली छात्र

डॉ. ताबिश मेहदी अपनी आत्मकथा में लिखते हैं, हमारे बुज़ुर्ग दोस्त स्वर्गीय मुफ्ती अब्दुल रऊफ मुंसिफ मुबारकपुरी ने अपने छात्र जीवन की एक घटना एक से अधिक बार सुनाई थी। उन्होंने बताया था कि चूंकि दारुल उलूम देवबंद में नाश्ते की व्यवस्था कभी नहीं रही है, इसलिए जो छात्र नाश्ता करना चाहते हैं, वे अपने-अपने...