मौत से फ़रार (मृत्यु से पलायन)

एक ऐसे आदमी ने जिसके हाथ-प...
Ummah Post
12 October, 2024

मौत से फ़रार (मृत्यु से पलायन)

एक ऐसे आदमी ने जिसके हाथ-पांव कटे हुए थे, एक हज़ार पाए (कनखजूरे) को मार डाला। एक साहब-ए-बातिन (आध्यात्मिक रूप से प्रबुद्ध व्यक्ति) का वहाँ से गुज़र हुआ, तो उन्होंने कहा, "सुब्हानअल्लाह! यह कीड़ा हज़ार पैर रखता था, लेकिन जब इसकी मौत का वक़्त आ पहुँचा, तो एक बे-दस्त व पा (बिना हाथ-पैर वाले मजबूर इंसान) के हाथ से भी भाग न सका।"

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मदरसा के छात्रों की पाकीज़गी
लेख

मदरसा के छात्रों की पाकीज़गी

शेख़ुल क़ुरआन मौलाना मुफ़्ती मुहम्मद ज़रवली ख़ान साहब (रह.) फ़रमाते थे: मदारिस (मदरसों) के तलबा (छात्र) बहुत पाक मख़्लूक़ (पवित्र जीव) हैं। एक दिन हमारे मदरसे में एक तालिब-ए-इल्म (छात्र) को शरारत पर मैंने सज़ा दी, तो कुछ देर बाद मेरे हाथ ने हरकत करना छोड़ दिया और वह मुर्दा (बेजान) हो गया। मैंने...