"मेरे दुश्मन मेरा क्या बिगाड़ सकते हैं! मेरी जन्नत मेरे दिल...
Ummah Post
13 October, 2024

"मेरे दुश्मन मेरा क्या बिगाड़ सकते हैं! मेरी जन्नत मेरे दिल में है और मेरा बाग़ मेरे सीने में है; मैं जहाँ भी जाऊँगा, ये मेरे साथ रहेंगे और मुझसे कभी जुदा नहीं होंगे। मेरा क़ैद होना मेरे लिए ख़लवत (एकांतवास/इबादत) है, मेरा क़त्ल होना मेरे लिए शहादत है और मेरा देश निकाला (जलावतनी) मेरे लिए सियाहत (पर्यटन/सैर) है।"

— इब्न तैमियाह

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सच्चा राज़िक़ (अन्नदाता) कौन?
लेख

सच्चा राज़िक़ (अन्नदाता) कौन?

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