حدیث الرسول ﷺ :
أَنَّهُ سَمِعَ النَّبِيَّ ﷺ يَقُولُ ‏ "‏ لا...
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18 October, 2024

حدیث الرسول ﷺ :

أَنَّهُ سَمِعَ النَّبِيَّ ﷺ يَقُولُ ‏ "‏ لاَ يَرْمِي رَجُلٌ رَجُلاً بِالْفُسُوقِ، وَلاَ يَرْمِيهِ بِالْكُفْرِ، إِلاَّ ارْتَدَّتْ عَلَيْهِ، إِنْ لَمْ يَكُنْ صَاحِبُهُ كَذَلِكَ ‏"‏‏.‏(بُخاری شریف ۶۰۴۵)

अनुवाद:

नबी (ﷺ) ने फ़रमाया: कोई किसी पर फ़िस्क़ (गुपचुप या खुलेआम गुनाह/अवज्ञा) का इल्ज़ाम नहीं लगाता और न ही उस पर कुफ़्र का इल्ज़ाम लगाता है मगर वह इल्ज़ाम उसी पर पलट जाता है, अगर वह शख़्स जिस पर इल्ज़ाम लगाया गया है वैसा (गुनाहगार या काफ़िर) नहीं होता! (तुहफ़तुल क़ारी)

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