गुनाहों को फैलाने का ज़रिया हरगिज़ न बनें, हो सकता है आप तो...
Ummah Post
18 October, 2024

गुनाहों को फैलाने का ज़रिया हरगिज़ न बनें, हो सकता है आप तो तौबा (क्षमा) कर लें मगर जिस को गुनाहों पर लगाया है वह आपकी आख़िरत (परलोक) की तबाही का सबब (कारण) बन जाए..

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दुम कटा लोमड़ और बिगड़ा हुआ समाज
लेख

दुम कटा लोमड़ और बिगड़ा हुआ समाज

एक लोमड़ (सियार) की दुम (पूंछ) पर पत्थर आ गिरा, और दुम कट गई। एक दूसरे लोमड़ ने जब उसे देखा तो पूछा, "यह तुमने अपनी दुम क्यों काटी?" दुम कटा लोमड़ बोला, "इससे बड़ी खुशी और फरहत (आनंद) महसूस होती है। ऐसा लगता है जैसे हवाओं में उड़ रहा हूँ। वाह!! क्या मनोरंजन है!" बस घेर-घार कर (बहला-फुसलाकर) उ...