*सुधारात्मक कथन*

सिर्फ दिखावे के लिए,
*अच्छा बनना,*
बुर...
Ummah Post
22 October, 2024

*सुधारात्मक कथन*

सिर्फ दिखावे के लिए,

*अच्छा बनना,*

बुरा होने से भी,

*ज़्यादा बुरा है•••*

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ये हालात बदलते क्यों नहीं?
लेख

ये हालात बदलते क्यों नहीं?

मुही-उस-सुन्नत हज़रत शाह अबरार-उल-हक़ से कुछ लोगों ने शिकायत की कि मुसलमानों की परेशानियां दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही हैं, खानक़ाहों और मदरसों में दुआओं का खूब प्रबंध हो रहा है, अल्लाह वाले लगातार अल्लाह के हुज़ूर दुआएं कर रहे हैं, लेकिन मुसलमानों की परेशानियां बढ़ती ही जा रही हैं और हालात बद से बदतर...