तुम्हें है नाज़ लश्कर (सेना) पर, तुम्हें बारूद की नुसरत (सहायता),
हमारे साथ है अल्लाह, उसी से अपनी यारी है।
अभी आग़ाज़ (शुरुआत) है आबी, इसे अंजाम (अंत) क्या लिखना!
अभी डॉलर नहीं जीता, अभी तक ख़ून भारी है।
तुम्हें है नाज़ लश्कर (सेना) पर, तुम्हें बारूद की नुसरत (सहायता),
हमारे साथ है अल्लाह, उसी से अपनी यारी है।
अभी आग़ाज़ (शुरुआत) है आबी, इसे अंजाम (अंत) क्या लिखना!
अभी डॉलर नहीं जीता, अभी तक ख़ून भारी है।