तुम्हें है नाज़ लश्कर (सेना) पर, तुम्हें बारूद की नुसरत (सहा...
Ummah Post
2 November, 2024

तुम्हें है नाज़ लश्कर (सेना) पर, तुम्हें बारूद की नुसरत (सहायता),

हमारे साथ है अल्लाह, उसी से अपनी यारी है।

अभी आग़ाज़ (शुरुआत) है आबी, इसे अंजाम (अंत) क्या लिखना!

अभी डॉलर नहीं जीता, अभी तक ख़ून भारी है।

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आख़िरत की छतरी
लेख

आख़िरत की छतरी

एक दफ़ा क्रिकेट मैच के दौरान जब अचानक बारिश शुरू हुई तो स्टेडियम में मौजूद हर शख़्स ने अपनी छतरी खोलकर सर पर रख ली थी। जब उस वक़्त कैमरा तमाशाइयों (दर्शकों) के स्टैंड पर गया तो रंग-बिरंगी छतरियों का एक हसीन मंज़र तैयार हो चुका था, शायद ही कोई ऐसा शख़्स हो जिसने छतरी न ली हो या बारिश की बरसाती (रेनको...