..., ऐ अल्लाह! मुझे सकारात्मक सोच (पॉजिटिव थिंकिंग), रोशन दि...
Ummah Post
6 November, 2024

..., ऐ अल्लाह! मुझे सकारात्मक सोच (पॉजिटिव थिंकिंग), रोशन दिमाग, शांत दिमाग, धीमा मिजाज, नर्म लहजा, मीठी जुबान, खूबसूरत अल्फाज, जज्बात में एतदाल (संतुलन), सेहत व आफियत, खुशबख्ती व सादतमंदी (सौभाग्य), नेक शोहरत, मोहब्बत व मक़बूलियत (लोकप्रियता), हसद (ईर्ष्या) व बदख्वाहों (बुरा चाहने वालों) से हिफाज़त, प्यारों की सलामती, चमकता चेहरा, ज़ाहिरी वजाहत (आकर्षण), बा-वफ़ा रफ़का (वफ़ादार साथी), मेहरबान सरपरस्त, तक़वा व परहेज़गारी (पुण्य) और हुस्न-ए-ख़ातमा (अच्छा अंत) यानी दुनिया व आख़िरत की खूबसूरत और आसान खैर व भलाइयाँ अता फरमा🤲🏻)✨♥️___*

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एक माँ द्वारा हलाल और हराम का ख़ूबसूरत सबक़
लेख

एक माँ द्वारा हलाल और हराम का ख़ूबसूरत सबक़

यह कहानी डॉक्टर मोहम्मद रातिब अल-नाबुलसी की है जो वह अपनी माँ के बारे में बताते हैं। वह कहते हैं कि एक दिन जब वह छोटे थे, उनकी माँ ने उनसे पूछा: "क्या तुम शब्द 'हलाल' कह सकते हो बिना अपने होठों को बंद किए?" उन्होंने कोशिश की और कामयाबी के साथ शब्द 'हलाल' कह लिया बिना अपने होठों को बंद किए।...