*♦️ ज्ञान में कंजूसी (बुख्ल) न कर ♦️*

*★_ जो ज्ञान (इल्म)...
Ummah Post
6 November, 2024

*♦️ ज्ञान में कंजूसी (बुख्ल) न कर ♦️*

*★_ जो ज्ञान (इल्म) के मामले में कंजूसी से काम लेता है, वह तीन में से किसी एक स्थिति में मुब्तिला (ग्रस्त) होगा:-*

*1. या तो वह अपना ज्ञान भूल जाएगा,*

*2. या वह मर जाएगा और उसके ज्ञान से कोई फायदा नहीं उठा पाएगा,*

*3. या फिर उसकी किताबें ही ज़ाया (नष्ट) हो जाएंगी!*

~( सुफ़ियान थौरीؒ, अल-मजमूअ शरह अल-मुहज्ज़ब, 1: 71)

_ इसलिए ज्ञान खूब सीखो, खूब सिखाओ और ज्ञान सीखने का ज़रिया बनो।_

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सीरत-उन-नबी ﷺ पर उपयोगी पुस्तकें
लेख

सीरत-उन-नबी ﷺ पर उपयोगी पुस्तकें

हज़ूर-ए-अकरम ﷺ की सीरत-ए-मुबारका पर अरबी भाषा में निम्नलिखित पुस्तकों से लाभ उठाया जा सकता है: 1: अस-सीरत अन-नबविय्याह: दो खंडों (जिल्दों) में चार भागों पर आधारित यह अब्दुल मलिक बिन हिशाम अल-हिमयरी (मृत्यु: 833 हिजरी) की है, जो इब्न इसहाक़ की 'अल-मग़ाज़ी व अस-सियर' के क्रम (तरतीब) से लिखी गई है।...