विरोध डटकर करें लेकिन पाखंड (मुनाफ़िक़त) कभी न करें, क्योंकि विरोध साहसी, बहादुर और संस्कारी (खानदानी) लोग करते हैं जबकि पाखंड बुज़दिलों और नीच लोगों की विशेषता है।
हमारे घर के करीब एक बेकरी है। अक्सर शाम के वक्त काम से वापसी पर मैं वहां से सुबह नाश्ते के लिए कुछ सामान लेकर घर जाता हूं। आज जब सामान लेकर बेकरी से बाहर निकल रहा था कि हमारे पड़ोसी इरफान भाई मिल गए। वह भी बेकरी से बाहर आ रहे थे। मैंने सलाम-दुआ की और पूछा, "क्या ले लिया इरफान भाई?" कहने लगे, "कुछ नह...