*हया (शर्मوहया)*
सर पर दुपट्टा रखने से औरत अल्लाह की रहमत के साये में रहती है,.....!!✨
हया बड़ी दौलत है और जो औरत इस दौलत को संभाल कर चलती है वह कभी कंगाल नहीं होती,.....!!✨
शैतान का पहला शिकार हया होती है,!!✨
_एक बार बंदा बेहया (निर्लज्ज) हो जाए तो उसे कोई बुराई, बुराई नहीं लगती_!!✨
बेहयाई तमाम बुराइयों की जड़ है...!!✨❤️🌼