*हया (शर्म‌و‌हया)*

सर पर दुपट्टा रखने से औरत अल्लाह की रह...
Ummah Post
7 November, 2024

*हया (शर्म‌و‌हया)*

सर पर दुपट्टा रखने से औरत अल्लाह की रहमत के साये में रहती है,.....!!✨

हया बड़ी दौलत है और जो औरत इस दौलत को संभाल कर चलती है वह कभी कंगाल नहीं होती,.....!!✨

शैतान का पहला शिकार हया होती है,!!✨

_एक बार बंदा बेहया (निर्लज्ज) हो जाए तो उसे कोई बुराई, बुराई नहीं लगती_!!✨

बेहयाई तमाम बुराइयों की जड़ है...!!✨❤️🌼

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हज़रत मौलाना हुसैन अहमद मदनी की बेमिसाल इस्तिक़ामत (दृढ़ता)
लेख

हज़रत मौलाना हुसैन अहमद मदनी की बेमिसाल इस्तिक़ामत (दृढ़ता)

एक बार हज़रत मौलाना हुसैन अहमद मदनी (रह.) पर ग़द्दारी (राजद्रोह) का मुक़दमा चला और फ़िरंगी (अंग्रेज़) की अदालत हॉल कराची में उनकी पेशी हुई। मौलाना मोहम्मद अली जौहर और बहुत सारे दूसरे अकाबरीन (वरिष्ठ नेता) भी वहाँ जमा थे। फ़िरंगी ने बुलाया और कहा, "हुसैन अहमद! यह जो तुमने फ़तवा दिया है कि अंग्रेज़ की...