*✍🏻हर चीज़ का विकल्प (मुतबादिल) मिल जाएगा लेकिन अल्लाह की मोहब्बत का विकल्प कभी भी नहीं मिल सकता। अल्लाह की मोहब्बत पर समझौता (कॉम्प्रोमाइज) न करें...!!*
*आख़िरत में हम चीखेंगे कि काश सबसे ज़्यादा मोहब्बत अल्लाह से कर लेते...!!🩷*
*✍🏻हर चीज़ का विकल्प (मुतबादिल) मिल जाएगा लेकिन अल्लाह की मोहब्बत का विकल्प कभी भी नहीं मिल सकता। अल्लाह की मोहब्बत पर समझौता (कॉम्प्रोमाइज) न करें...!!*
*आख़िरत में हम चीखेंगे कि काश सबसे ज़्यादा मोहब्बत अल्लाह से कर लेते...!!🩷*