"जिनका यक़ीन अर्श वाले (अल्लाह) पर हो, 
वे फ़र्श वालों (दुनि...
Ummah Post
9 November, 2024

"जिनका यक़ीन अर्श वाले (अल्लाह) पर हो,

वे फ़र्श वालों (दुनिया के लोगों) की बातों पर दिल छोटा नहीं करते।"

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आख़िरी सफ़र की पुकार
लेख

आख़िरी सफ़र की पुकार

सालिहीन (नेक लोगों) में से एक शख़्स रोज़ाना शहर की दीवार पर खड़े होकर रात में यह आवाज़ लगाता था, "चलो, क़ाफ़िले के चलने का वक़्त आ गया है"। जब उनका इंतक़ाल (निधन) हो गया, तो शहर के हाकिम (शासक) को यह आवाज़ सुनाई नहीं दी। तहक़ीक़ (जांच) करने पर पता चला कि उनकी वफ़ात हो गई है, तो अमीर (शासक) ने ये अशआ...