हज़रत मालिक बिन दीनार (अल्लाह उन पर रहम करे) फ़रमाते हैं: "मैंने अपने जीवन में 60 हज किए। एक हज के मौक़े पर मैंने मक्का मुकर्रमा में असाधारण भीड़ देखी, जहाँ लाखों लोगों का एक अज़ीम-ओ-शान मजमा (जमावड़ा) था। लाखों की इस भीड़ को देखकर अचानक मेरे दिल में यह ख़याल आया और मैंने दिल ही दिल में अल्लाह से इल...