"ऐ हरम के तामीर करने वाले (मुसलमान)! तू एक बार फिर इस जहान क...
Ummah Post
10 November, 2024

"ऐ हरम के तामीर करने वाले (मुसलमान)! तू एक बार फिर इस जहान को बनाने के लिए उठ खड़ा हो,

उठ, गहरी नींद से उठ, बहुत गहरी नींद से उठ, गहरी नींद से उठ!"

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मशहूर अरबी हिकायत: "सच के गवाह"
लेख

मशहूर अरबी हिकायत: "सच के गवाह"

कहते हैं एक बस्ती ऐसी थी जो झूठ बोलने और झूठी गवाही देने में मशहूर थी। उसी बस्ती में एक पुरुष और महिला ने गुप्त रूप से, लेकिन पूर्ण शरई तरीके से निकाह कर लिया। काज़ी, गवाह और शरई ज़रूरतें सब पूरी थीं। कुछ समय बाद दोनों में अनबन हो गई। पति ने पत्नी को घर से निकाल दिया और उसे तमाम शरई अधिकारों से भ...