"जो नमाज़ छोड़ सकते हैं, वह किसी को भी छोड़ सकते हैं। क्योंक...
Ummah Post
11 November, 2024

"जो नमाज़ छोड़ सकते हैं, वह किसी को भी छोड़ सकते हैं। क्योंकि जो ख़ुदा के नहीं हो सके, वह तुम्हारे कैसे हो सकते हैं।"

Share this article
दुनिया की हक़ीक़त और आख़िरी सफ़र की तैयारी
लेख

दुनिया की हक़ीक़त और आख़िरी सफ़र की तैयारी

रसूलुल्लाह ﷺ फ़रमाया करते थे: "मेरा दुनिया से क्या तअल्लुक़ (संबंध)? मेरी दुनिया की मिसाल तो ऐसी ही है कि जैसे कोई सवार किसी दरख़्त (पेड़) के साए में (दम लेने के लिए) ठहर जाए, फिर उसे छोड़ कर चला जाए।" हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम ने अपने साथियों को वसीयत फ़रमाई: "(दुनिया से) गुज़र जाओ, इसे आबाद करने में न लग...