*سلاماً علىَ قلوب اتاها الحزن مِن کل مَکان فأبتسمت وقالت :...
Ummah Post
12 November, 2024

*سلاماً علىَ قلوب اتاها الحزن مِن کل مَکان فأبتسمت وقالت : `"صبراً جميلاً واللهِ المُستعان ."`*🍃

"सलामी हो उन दिलों पर जिन्हें हर तरफ से ग़म पहुंचा, फिर भी वे मुस्कुराए और कहा: 'सब्र-ए-जमील (बेहतरीन धैर्य) है और अल्लाह ही मददगार है।'" 🍃🎀🤍

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अल्लाह की रहमत पर कामिल भरोसा
लेख

अल्लाह की रहमत पर कामिल भरोसा

हज़रत मौलाना मोहम्मद अशरफ़ अली थानवी रहमतुल्लाह अलैह जब कोई दुआ मांगते और आंख से कोई आंसू आता, तो हज़रत उन आंसुओं को अपने चेहरे पर मल लिया करते थे। एक बार एक छात्र (طالب علم) ने देख लिया। उसने कहा, "हज़रत! आपका यह अमल किस बिना पर (किस आधार पर) है?" फ़रमाया: "मैं उम्मीद करता हूँ कि अल्लाह तआला इन...