*सावधान रहिए!!*

कभी-कभी किसी की मीठी बातों का मतलब हरगिज़...
Ummah Post
12 November, 2024

*सावधान रहिए!!*

कभी-कभी किसी की मीठी बातों का मतलब हरगिज़ यह नहीं होता कि आप उसके लिए ख़ास हैं, या वे आपके प्रति वास्तव में मुख़्लिस (सच्चे) और हमदर्द हैं।

ज़रा सोचिए, कभी-कभी कबूतर को खिलाने के लिए नहीं, बल्कि उसे पकड़ने के लिए भी दाना डाला जाता है! 🙂🖤

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इल्म (ज्ञान) का बदसूरत आशिक़
लेख

इल्म (ज्ञान) का बदसूरत आशिक़

असली नाम अम्र बिन महबूब था, 160 हिजरी में पैदा हुए और 'जाहिज़' के लक़ब (उपाधि) से मशहूर हुए। अरबी में जाहिज़ उसे कहते हैं जिसकी आँखों के ढेले (पुतलियाँ) बाहर की ओर उभरे हुए हों। शुरुआत में वे इस लक़ब को नापसंद करते थे, लेकिन रफ़्ता-रफ़्ता (धीरे-धीरे) ख़ामोश हो गए। शायद ही किसी के रूप-रंग का इस तर...