*सावधान रहिए!!*
कभी-कभी किसी की मीठी बातों का मतलब हरगिज़ यह नहीं होता कि आप उसके लिए ख़ास हैं, या वे आपके प्रति वास्तव में मुख़्लिस (सच्चे) और हमदर्द हैं।
ज़रा सोचिए, कभी-कभी कबूतर को खिलाने के लिए नहीं, बल्कि उसे पकड़ने के लिए भी दाना डाला जाता है! 🙂🖤