"लोग अपना असली चेहरा दो सूरतों (स्थितियों) में दिखाते हैं: एक तब जब उन्हें मालूम हो कि वे अपना मतलब (स्वार्थ) पूरा कर चुके हैं, और दूसरा तब जब वे जानते हों कि वे अपना मतलब कभी पूरा नहीं कर सकेंगे।" 🎭💯
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