"लोग अपना असली चेहरा दो सूरतों (स्थितियों) में दिखाते हैं: ए...
Ummah Post
12 November, 2024

"लोग अपना असली चेहरा दो सूरतों (स्थितियों) में दिखाते हैं: एक तब जब उन्हें मालूम हो कि वे अपना मतलब (स्वार्थ) पूरा कर चुके हैं, और दूसरा तब जब वे जानते हों कि वे अपना मतलब कभी पूरा नहीं कर सकेंगे।" 🎭💯

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बाप का आखिरी खत
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बाप का आखिरी खत

कहानी का शीर्षक: "पिताजी ने कहा था जल्दी वापस आऊँगा... मगर ग्यारह साल बीत गए" मैं सिर्फ़ आठ साल का था जब पिताजी ने घर से जाते हुए मेरे सिर पर हाथ रखा और मुस्कुरा कर कहा: "बेटा, बस कुछ महीनों की बात है... फिर मैं वापस आ जाऊँगा।" उस समय मुझे नहीं पता था कि कुछ "चंद महीने" पूरा बचपन निगल जाते हैं। ह...