*अपने दिन की शुरुआत दरूद-ए-पाक पढ़ते हुए कीजिए*
पढ़ लीजिए:...
Ummah Post
12 November, 2024

*अपने दिन की शुरुआत दरूद-ए-पाक पढ़ते हुए कीजिए*

पढ़ लीजिए:

अल्लाहुम्मा सल्लि अला मुहम्मदिन व अला आलि मुहम्मदिन कमा सल्लैता अला इब्राहीमा व अला आलि इब्राहीमा इन्नका हमीदुम मजीद।

अल्लाहुम्मा बारिक अला मुहम्मदिन व अला आलि मुहम्मदिन कमा बारक्ता अला इब्राहीमा व अला आलि इब्राहीमा इन्नका हमीदुम मजीद।

🌷🌼

Share this article
मैं अपनी स्मृति में तुम्हारे बारे में सब कुछ भुला दूंगा।
लेख

मैं अपनी स्मृति में तुम्हारे बारे में सब कुछ भुला दूंगा।

हज़रत यह्या बिन मुआज़ रहमतुल्लाही अलैहि, जिनको हक़ायक़ व दक़ायक़ (आध्यात्मिक सच्चाइयों और बारीकियों) पर मुकम्मल दस्तरस (पूर्ण नियंत्रण) हासिल थी, और जिनके मुतअल्लिक़ (बारे में) कुछ बुज़ुर्गों का कहना है कि जिस तरह अम्बिया (पैगंबरों) में हज़रत यह्या बिन ज़करिया अलैहिमुस्सलाम का मक़ाम है, उसी तरह बुज़...